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मास्टर साहब कहते हैं कर देंगे स्कूल से बाहर।

मास्टर साहब कहते हैं कर देंगे स्कूल से बाहर।

⏭झारखंड से दैनिक_खोज_खबर के लिए रितुराज की रिपोर्ट: दुमका जिला के जरमुणडी प्रखंड अंतर्गत बनवारा पंचायत के नव उत्क्रमित उच्च विद्यालय बनवारा में छात्र छात्राओं को स्कूल के बाहर खेलते घूमते पाया गया।

जब दैनिक_खोज_खबर टीम ने बच्चों से पूछा कि दीन का 10:30  बज चुका है आप लोग स्कूल के अंदर में क्यों नहीं हैं तो बच्चों का कहना था स्कूल तो हम लोग 9:00 बजे सर आ गए लेकिन स्कूल के कार्यालय और क्लासरूम मैं ताला लगी हुई है।

जब हमारी टीम ने पूछा क्यों?  इस पर बच्चों ने बताया की चाबी खो गई है यह कहना मेरा नहीं है यह तो उपस्थित मास्टर साहब का कहना है की चाबी कहीं खो गया है और जब तक हेड मास्टर साहब नहीं आएंगे तब तक कोई उपाय नहीं है।

अब बताइए ऐसी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई कैसी होगी बच्चों ने मास्टर पर कई आरोप लगाए कि सर यह लोग बराबर इसी तरह करते हैं आखिर शिकायत करें तो किसको करें जब किसी से शिकायत करते हैं तो मास्टर साहब कहते हैं स्कूल से बाहर कर देंगे।

इन्क्रेडिबल इंडिया की तरह इन्क्रेडिबुल झारखंड, झारखंड के कोने-कोने में हैं पर्यटन स्थल

⏭इन्क्रेडिबल इंडियाकी तरह इन्क्रेडिबुल झारखंड, 

⏭झारखंड के कोने-कोने में हैं पर्यटन स्थल

✍झारखंड से दैनिक_खोज_खबर रिपोर्टर रितुराज की विशेष रिपोर्ट रांची : झरखंड में पर्यटन की समृद्धि को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाने के लिए पर्यटन विभाग ने कई योजनाएं बनायीं हैं।

विभाग के प्रधान सचिव बाघमारे कृष्ण प्रसाद ने बताया कि इंवेंट मैनेजमेंट को इन्पैनल्ड करने के बाद झारखंड की पर्यटन समृद्धि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर आएगी।

उन्होंने बताया कि झारखंड में पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। झारखंड के पर्यटन स्थलों के प्रचार के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोड शो का आयोजन किया जाएगा। श्री बाघमारे ने बताया कि विभाग पर्यटन से संबंधित ट्रेड फेयर, प्रदर्शनी एवं महोत्सव का आयोजन करेगा। उन्होंने बताया कि विभाग झारखंड पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टूरिस्ट आपरेटरों का भी सहयोग लेगा।

दिल्ली सहित अन्य शहरों में झारखंड महोत्सव मनाने की योजना है। श्री बाघमारे ने बताया कि झारखंड में ईको टूरज्मि का लुत्फ पर्यटक उठा सकते हैं। इसमें दो राय नहीं कि झारखंड टूरिज्म का हब बन सकता है। इस राज्य में कई पौराणिक धरोहर हैं जो पर्यटकों को आमंत्रित करता है। इस राज्य में ऐतिहासिक मैकलुस्कीगंज है जहां कभी बहुतायत में एंग्लो इंडियन रहते थे परन्तु अब उनकी संख्या नहीं के बराबर है, लेकिन उनकी यादें पर्यटकों को पुराने दिनों की तस्वीर पेश करती है। घने जंगल से घिरे मैकलुस्कीगंज में रेलवे स्टेशन है जहां से पहाड़ों पर एंग्लो इंडियन के घर दिखाई देते हैं।

इस राज्य में नक्सली गतिविधियां कम होने से अब अच्छी संख्या में पर्यटक अभ्यारण्यों की सैर करने आते हैं। झारखंड में अनेक अभ्यारण्य हैं जिनमें हजारीबाग राष्ट्रीय अभ्यारण्य, पलामू का टाइगर अभ्यारण्य, दलमा का हाथी अभ्यारण्य, खूंटी का हिरण पार्क इत्यादि शामिल हैं। जब भी झारखंड की बात होती है तब नेतरहाट की बात जरूर होती है। सुरभ्य जंगल में स्थित नेतरहाट पर्यटकों के लिए वर्षों से आकर्षण का केन्द्र रहा है।

यहां का सूर्योदय एवं सूर्यास्त के साथ-साथ नेतरहाट हाट विद्यालय की लोकप्रियता राष्ट्रीय स्तर पर रही है। गिरिडीह का पारसनाथ पहाड़ जैनियों का प्रमुख तीर्थस्थल रहा है। यहां देश भर के जैनी आते हैं। झारखंड की प्राकृतिक सौंदर्यता किसी को भी आकर्षित कर सकता है। पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव ने कहा कि अकेले देवघर के बाबाधाम में देश-विदेश एवं राज्य से लाखों शिवभक्त जलाभिषेक करने आते हैं। आज शिवरात्रि के दिन वहां भव्य आयोजन होता है। बालुकीनाथ में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक करने आते हैं।

गुमला का ओजन ग्राम हनुमान की मां ओजन की घर है। यहां हर साल मेला लगता है। झारखंड में भगवान बिरसा के जन्म स्थल देखने के लिए भी पर्यटक आते हैं। भगवान बिरसा के नाम पर डाक टिकट भी जारी किया गया है। राजरप्पा में स्थित प्रसिद्ध छिन्नमस्तिका मंदिर में सालों भर श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है।

बिहार एवं अन्य राज्यों से हर वर्ष लाखों श्रद्धालु देवी दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर जाने का मार्ग भी बना दिया गया है। कल से राज्य सरकार ने राजरप्पा महोत्सव का आयोजन किया है। तमाड़ से छह किलोमीटर दूर देवड़ी में मां के मंदिर के प्रति जबर्दस्त आस्था है।

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धौनी अक्सर मां का आशीर्वाद लेने देवड़ी मंदिर जाते हैं। वैसे धौनी भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहे हैं। क्रिकेट के शौकीन पर्यटक जब भी रांची आते हैं तो उनके घर की तस्वीर कैमरे में कैद करते हैं और सेल्फी भी लेते हैं।

वैसे तो झारखंड के हर हिस्से में रमणिक पर्यटन स्थल हैं, लेकिन अब तो राजधानी रांची भी पर्यटन स्थलों को लेकर लोकप्रिय हो गयी है। रांची में प्रसिद्ध रॉक गार्डेन, रांची झील, कांके डैम, जैविक उद्यान सहित अनेक पर्यटन स्थल हैं।

 

मुख्यमंत्री ने किया झारखण्ड में नये मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास

⏭मुख्यमंत्री ने किया झारखण्ड में नये मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास

झारखंड से रितुराज की रिपोर्ट:-दुमका झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आज प्रदेश के आदिवासी बहुल संथाल परगना कमीशनरी के दुमका में प्रदेश के चौथे मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया၊

इससे पहले झारखण्ड की राजधानी राँची में राजेन्द्र मेडिकल कॉलेज, जमशेदुर में महात्मा गाँधी मेडिकल कॉलेज और धनबाद में पाटालिपुत्र  मेडिकल कॉलेज स्थापित है।

इस मौके पर श्री दास ने कहा कि यह मेडिकल कॉलेज 293.8 करोड़ की लागत से 500 बेड का 30 माह में बनकर तैयार होगा၊ साथ ही पलामू और हजारीबाग में भी मेडिकल कॉलेजों का निर्माण किया जाएगा। Continue reading →

दुमका जिला के जरमुंडी प्रखंड के दलदली प्राथमिक विद्यालय के बच्चे पीते हैं पहाड़ी नदी का पानी

🌏दुमका जिला के जरमुंडी प्रखंड के दलदली प्राथमिक विद्यालय के बच्चे पीते हैं पहाड़ी नदी का पानी 

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🌏दुमका जिला के जरमुंडी प्रखंड के दलदली प्राथमिक विद्यालय के बच्चे पीते हैं पहाड़ी नदी का पानी 

झारखंड: दुमका जिला से अजय कुमार तिवारी की रिपोर्ट:- सरकार के लाख  प्रयास के बाद भी शिक्षा विभाग में बेहतर व्यवस्था की घोर अभाव है जब कि सरकार प्राथमिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाए चला रही है यही नही विद्यालयों के नियमित संचालन व व्यवस्था मे सुधार को लेकर विद्यालय प्रबंधन समिति ग्राम शिक्षा समिति आदि समितियो का भी गठन सरकार के दिशा निर्देश पर किया गया है लेकिन इन सारे प्रयासों के बाद भी जिले के 60 फीसदी विद्यालयों मे कई खामिया है जिसकी जानकारी यहां के पदाधिकारियों को भी है इस बात को इनकार नही किया जसकता है इसके बावजूद भी  समस्याये उसी तरह है जैसे पहले थी।

सरकारीअधिकारियो की उदासीनता के चलते आज कई विद्यालयों मे शौचालय नही है तो कई विद्यालयों मे पेय जल की समस्या है जिसका जीवंत उदाहरण जरमुण्डी के भोड़ाबाद दलदली प्राथमिक विद्यालय है जहाँ पेय जल की कोई व्यवस्था नही है यहाँ के बच्चे प्यास लगने व मध्यान भोजन का बर्तन धोने के लिए सीधे पहाड़ी नदी (छोरिया) जाते है।

इस बिन्दु पर इस स्कूल के सचिव बाबू धन मुर्मू का कहना है कि वर्ष 2002 मे प्राथमिक विद्यालय स्थापित हुवा उसके बाद से पेय जल को लेकर विभाग को कई बार लिख कर दिया गया है लेकिन इस विषय पर विभाग द्वारा कोई कदम नही उठाया गया यहा तक कि यहां के जनप्रतिनिधि लोगों से भी समय समय पर आग्रह किया गया लेकिन किसी ने पहल नही की।यहां के ग्रामीणों के अनुसार गर्मी के दिनो मे पेयजल को लेकर पढ़ने वाले बच्चो को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है कारन पहाणी नदी भी सुख जाती है।

ऐसा नही है कि यह समस्या अकेले है ऐसी समस्याए जामा प्रखण्ड रामगढ़ प्रखण्ड के भी कई विद्यालयों मे है और वर्षो से है जिसका समाधान विभागीय उदासीनता के चलते नही हो सका। यूट्यूब लिंक क्लिक कर विडियो देखे…

 https://youtu.be/W44-TFPh4fk

दुमका जिला के जरमुंडी प्रखंड में मिड डे मिल योजना का निकल रहा है जनाजा

दुमका जिला के जरमुंडी प्रखंड में मिड डे मिल योजना का निकल रहा है जनाजा

✍चम्पारण-न्यूज झारखंड ब्यूरो प्रमुख रितुराज की विशेष रिपोर्ट: –स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग भ्रष्टाचार और आराजकता के दलदल मे दिनों दिन धंसता हीं  जा रहा है। जरमुंडी प्रखंड के प्रायः स्कूल  में मिड डे मिल योजना का जनाजा निकल गया है।

इसका जीता जागता उदाहरण  यह  है राजकीय मध्य विद्यालय बासुकीनाथ में दोपहर का पोषाहार बच्चों को नहीं मिल रहा है। पोषाहार नहीं मिलने से बच्चों की उपस्थिति भी कम होते जा रही है।

बच्चे पोषाहार नहीं दिए जाने के संबंध में खुलकर बोल भी नहीं पाते हैं उन्हें इस बात का  भय बना रहता है कि मुंह खोलने का दुष्परिणाम विद्यालय से निष्कासन के रूप में हो सकता है लेकिन कुछ साहसिक बच्चे ऐसे भी थे जो हकीकत को सार्वजनिक पटल पर लाने से तनिक भी गुरेज नहीं किया।

उन साहसी बच्चों का कहना था कि मिडडे मील का दर्शन हुए महीनों से भी ज्यादा हो गया और अब ऐसा प्रतीत होता है कि कहीं यह स्कीम सरकार ने बंद तो नहीं कर दी है।यहाँ स्मरणीय तथ्य है कि सरकारी विद्यालयों में समाज के दबे कुचले गरीब तबके के बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं लेकिन जब इन बच्चों का निवाला छीन लिया जाए तो इससे दुखद बात क्या हो सकती है।

मिड डे मिल के आकर्षण में जो बच्चे स्कूल की दहलीज पर कदम रखना चाहते थे वे इन हक़ीक़तों को जानकर स्कूल जाने से तौबा कर लेना ही मुनासिब समझते हैं।वैसे प्रखंड क्षेत्र के कई विद्यालय हैं जहाँ सचिव की मर्जी से ही एमडीएम बनता है। उत्क्रमित मध्य विद्यालय सरडीहा में भी कई दिनों से एमडीएम बंद है

ज्ञात रहे कि गत सोमवार को जरमुणडी  अंचलाधिकारी ने प्रखंड के कई स्कूलों का निरीक्षण किया था लेकिन अपने आस पास अवस्थित बासुकीनाथ स्कूल एवं सरडीहा   अभागा स्कूल उनके निरीक्षण के दायरे में नहीं आया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब शहरी क्षेत्र स्कूल कि स्थिति ऐसी है तो दूरदराज के गांव के स्कूल की स्थिति क्या होगी आए दिन स्कूल की खबर पेपर में प्रकाशित हो रही है लेकिन स्कूल के सचिव है कि मानते नहीं मानो ऐसा प्रतीत हो रहा है कि किसी को भी किसी पदाधिकारी का कोई डर भय ही ना हो डर हो भी तो कैसे नीचे से ऊपर तक तो सभी को कमीशन चाहिए

 जरमुंडी प्रखंड में शिक्षा व्यवस्था का हाल पूरी तरह चरमरा गया है। ऐसे कई स्कूल हैं जो समय पर खुलते नहीं है।लेकिन किसी तरह विद्यालय खुल तो जाते हैं परंतु विद्यालय के सचिव मध्यान्ह भोजन में रुचि नहीं दिखाते हैं एक ऐसा उदाहरण है जहां लगता है कि शिक्षा विभाग दोषी है परंतु शिक्षा विभाग उतना दोषी नहीं प्रतीत होता है जितना विद्यालय के सचिव का कथन है विद्यालय के सचिव का कहना है कि शनिवार के दिन चावल उठाव किया जबकि जरमुंडी प्रखंड के सभी विद्यालयों में  बीते बुधवार के दिन ही चावल वितरण किया गया है।

यह कथन है उत्क्रमित मध्य विद्यालय सरडीहा के सचिव का जिस ने कहा कि समय पर चावल नहीं मिलता है या पैसा उपलब्ध नहीं होता है तो कैसे एमडीएम चलाएं। जहां तक ग्रामीणों ने बताया कि लगभग महीना भर से एमडीएम बंद है।यह साफ तौर पर सचिव की लापरवाही को दर्शाता है। सचिव को बोलने पर धमकी देता है कि जो करना है कर लो विभाग का दोष है मेरा कोई दोस्त नहीं है। अब ऐसे में सवाल उठता है कि बच्चों का क्या दोष है जिनको रोज स्कूल आना है खाना मिले तो अच्छा ना मिले तो अच्छा।

मोमेंटम झारखंड : राजधानी में तीन दिन तक लागू रहेगी निषेधाज्ञा, बदली रहेगी यातायात व्यवस्था, नहीं चलेंगी बसे

🚫मोमेंटम झारखंड : राजधानी में तीन दिन तक लागू रहेगी निषेधाज्ञा, बदली रहेगी यातायात व्यवस्था, नहीं चलेंगी बसे

✍ झारखण्ड से रितुराज की रिपोर्ट :-रांची – मोमेंटम झारखंड के दौरान विरोध के मद्देनजर आज से तीन दिनों तक शहर में निषेधाज्ञा लागू रहेगी. इस दौरान किसी प्रकार के धरना प्रदर्शन, पुतला दहन, रैली, जुलुस, मानव श्रृंखला, एक जगह जमा होकर बातचीत करने पर रोक लगा दिया गया है. इस दौरान एक स्थान पर पांच से अधिक लोग इक्कट्ठा नहीं हो सकेंगे. समिट के मद्देनजर चप्पे चप्पे पर पुलिस बल को तैनात किया गया है. शादी लगन नहीं होने के कारण इस दौरान बरात ले जाने या लाने पर रोक होगी. हालांकि शादी को इससे अलग रखा गया है. निषेधाज्ञा होने के कारण लाउडस्पीकर बजाने और बैठक करने पर भी रोक लगा दिया गया है.

 हथियार के साथ दिखे तो कार्रवाई:मोमेंटम झारखंड के मद्देनजर शहर में धारा 144 लागू कर दी गयी है. तीन दिनों तक किसी प्रकार के अस्त्र सस्त्र, धनुष – गड़ासा, रिवाल्वर, पिस्टल, बम, भाला, लाठी, डंडा आदि लेकर चलने की मनाही होगी. अगर किसी को इसके साथ पकड़ा गया तो कार्रवाई के आदेश दिए गए है.

 बदली ट्रैफिक व्यवस्था:-ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में हिस्सा लेने के लिए देश-विदेश के मेहमान आज से ही रांची पहुंचने लगेंगे. मेहमानों के स्वागत के लिए एयरपोर्ट से खेलगांव तक मुख्य मार्गों को दुल्हन की तरह सजा दिया गया है. शहर में कहीं जाम लगे, इसके लिए सुबह छह बजे से रात 11 बजे तक शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. यह व्यवस्था आज से 17 फरवरी तक लागू रहेगी. लंबी दूरी की बसों के रूट में भी बदलाव किया गया है. हालांकि रात 11 बजे के बाद और सुबह 6 बजे के पहले तक बसें शहर में आ-जा सकेंगी.

कांटाटोली से नहीं खुलेंगी बसे:16 और 17 फरवरी को शहरवासियों को कांटाटोली खादगढ़ा बस स्टैंड से किसी भी रूट की बसें नहीं मिलेंगी. जिला प्रशासन ने कांटाटोली स्टैंड से बसों के परिचालन पर रोक लगा दी है.

बीआईटी में बना अस्थायी बस पड़ाव:-रामगढ़ रोड से आनेवाली बिहार समेत अन्य जिलों से रांची आनेवाली सभी गाड़ियों का स्टैंड बीआईटी मेसरा में होगा. बीआईटी ओपी के पास की खाली जमीन को अस्थायी बस स्टैंड बनाया गया है. यहां से रामगढ़, हजारीबाग, सासाराम, औरंगाबाद, बरही, बनारस, कोडरमा,गया, पटना, आरा आदि जगहों के लिए बसें मिलेंगी. इन रूट से आने वाली बसें भी बीआईटी मेसरा में ही रुकेंगी.

रामगढ़-जमशेदपुर रूट:-हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़ की ओर से जमशेदपुर जानेवाली गाड़ियां रामगढ़ से पतरातू, पिठौरिया होते कांके स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के चौराहे से दाहिने ओर मुड़कर रिंगरोड से काठीटांड, दलादली चौक, नयासराय होते हुए धुर्वा बस स्टैंड और वहां से सेक्टर 3 गोलचक्कर होते हुए प्रोजेक्ट बिलिं्डग के रास्ते चांदनी चौक, तुपुदाना से रिंगरोड होते हुए जमशेदपुर जाएंगी. जमशेदपुर से इस रास्ते ही गाड़ियां रामगढ़, हजारीबाग वापस होंगी. रामपुर में रुकेंगी बसेंटाटा मार्ग की बसों के लिए रामपुर में अस्थायी बस पड़ाव बनाया गया है. इस पड़ाव से यात्रियों को बुंडू, तमाड़, टाटा, उड़िसा आदि जगहों के लिए बसें मिलेंगी. वहीं उस रूट से आनेवाली बसें भी इसी पड़ाव पर रुकेंगीं.

जैप वन में अस्थायी सरकारी स्टैंडओवरब्रिज स्थित सरकारी बस स्टैंड से खुलने वाली एसी बसें राजेंद्र चौक स्थित जैप वन ग्राउंड से खुलेंगी. जैप वन ग्राउंड अस्थायी बस स्टैंड होगा. खूंटी मार्ग के लिए तुपुदाना में स्टैंडखूंटी मार्ग की बसों के लिए तुपुदाना में अस्थायी बस पड़ाव बनाया गया है. यहां से चाईबासा, सिमडेगा, तोरपा, तपकड़ा आदि जगहों के लिए बसें मिलेंगी. साथ ही यहां पर उस रूट से आने वाली बसें खड़ी भी होंगी।

🚫दिवंगत युवकों को दी गई श्रद्धांजलि, शोक सभा डुमरी विधायक के अगुवाई में निकला कैंडल मार्च

 

  🚫दिवंगत युवकों को दी गई श्रद्धांजलि, शोक सभा डुमरी विधायक के अगुवाई में निकला कैंडल मार्च

✍झारखण्ड से रितुराज की रिपोर्ट ☞ नावाडीह के डुमरी-बेरमो रोड पर डीएवी पब्लिक स्कूल ढोरी के समीप बीते दिन हुई एक सड़क दुर्घटना में चार स्कूली छात्र की दर्दनाक मौत को ले सोमवार को सेंट्रल कॉलोनी दुर्गा मंडप में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया|

यह श्रद्धांजलि सभा बाबा अम्बेदकर क्लब की ओर से आयोजित की गई | जिसमें डुमरी विधायक जगरनाथ महतो सहित पूर्व नप अध्यक्ष बसंत कुमार सिंह, युवा व्यवसायी संघ के कृष्ण कुमार के अलावा बबन रजक, केवल चौहान, कृष्णा थापा, कैलाश महतो, दीनबंधु पांडेय, भीम सिंह आदि ने दिवंगत युवकों के तस्वीर पर श्रद्धांजलि अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति को ले दो मिनट का मौन धारण किया |

साथ ही गंभीर रूप से घायल दो अन्य युवक के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ को ले ईश्वर से प्रार्थना कि गई | यहाँ डुमरी विधायक जगरनाथ महतो ने कहा कि बच्चे देश के भविष्य हैं | सेंट्रल कॉलोनी ने चार होनहार स्कूली छात्र को खो दिया हैं | जिसका भरपाई नहीं किया जा सकता |

ऐसे में अभिभावक को कर्तव्य हैं कि वे अपने अपने बच्चों पर पैनी नजर रखें | उन्होंनें उपस्थित बच्चों से बाइक व कार चलाने में लापरवाही न बरतने  और न ही स्पीड में वाहन चलाने की अपील की |

मौके पर डीएवी ढोरी, आलोक स्कूल, सरस्वती शिशु विधा मंदिर के अलावा क्षेत्र में संचालित अन्य स्कूल के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने स्पीड में बाइक नही चलाने का वचन दिया।

यहाँ दिवंगत युवकों के परिजनों को बतौर सहायता राशि 50-50 हजार रुपए भी प्रदान किया गया| इस दौरान विधायक जगरनाथ महतो के अगुवाई में स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा कैंडल मार्च भी निकाल पूरे इलाका का भ्रमण किया |

झारखण्ड:मधुपुर अनुमण्डल स्थापना के रजत जयंती के अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री का देवघर आगमन

झारखण्ड:मधुपुर अनुमण्डल स्थापना के रजत जयंती के अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री का देवघर आगमन

✍झारखण्ड से चम्पारण-न्यूज संवाददाता रितुराज कि विशेष रिपोर्ट [9122267325]☞आज मधुपुर अनुमण्डल स्थापना के रजत जयंती के अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री का देवघर आगमन हुआ। इनके आगमन पर दिव्याांग बच्चों के द्वारा राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया। सर्वप्रथम देवघर विधाायक श्री नारायण दास द्वारा माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में हो रहे विकास की चर्चा की गई तथा आषा व्यक्त की गई कि मधुपुर अनुमण्डल भी इनके नेतृत्व में विकास पथ पर अग्रसर होगा। Continue reading →

भारत को विश्वगुरु बनने के लिए आध्यात्मिक शक्ति भी चाहिए

✡भारत को विश्वगुरु बनने के लिए आध्यात्मिक शक्ति भी चाहिए

झारखण्ड से रितुराज की रिपोर्ट ☞एक शाम युवा के नाम कार्यक्रम में झारखण्ड के सी०एम० बोले भारत को विश्वगुरु बनने के लिए आध्यात्मिक शक्ति भी चाहिए। यह स्वामी विवकेानंद के बताये मार्ग पर चलने से मिलेगी, अध्यात्म हमें शक्ति देता है।

झारखंड में प्रकृति व अध्यात्म का अदभूत मेल है,  हमारा भू-भाग आध्यात्म का संदेश देता है। स्वामी जी ने कहा उठो जागो और बढ़ते चलो। 21वीं सदी भारत की सदी कही जा रही है, लेकिन इसके लिए हमें भी जागना पड़ेगा-चलना पड़ेगा। रांची में एक शाम युवा के नाम कार्यक्रम में युवाओं से आगे बढ़ने का आह्लान किया।

 स्वयंसेवकों को निर्देश दिया कि वृद्ध एवं लाचार व्यक्तियों, भूमिहीन व्यक्तियों, अनाथ बच्चों एवं विधवा महिलाओं का सर्वेक्षण जल्द पूरा करें ताकि इनके कल्याण के लिए नयी योजनाएं बनायी जा सके। जिन विधवा महिलाओं को पेंशन नहीं प्राप्त होती है या बेघर हैं, उन्हें पेंशन दी जायेगी एवं घर भी बनाया जायेगा।सर्वेक्षण के लिए पंचायत सचिवालय के स्वयंसेवकों को प्रोत्साहन राशि दी जायेगी।

 

झारखंड में कोयला खदान धंसी, 50 मजदूर फंसे; 12 शव निकाले गए

✡झारखंड में कोयला खदान धंसी, 50 मजदूर फंसे; 12 शव निकाले गए

झारखंड में गोड्डा जिले के राजमहल कोयला खदान धंसने से 50 लोग एवं वाहन फंस गए हैं। इस हादसे में करीब 50 खनिकों के खदान में फंसे होने की आशंका है और अभी तक चार शव निकाले जा चुके हैं। पुलिस ने आज बताया कि खनन हादसा कल रात हुआ और बचाव अभियान जारी है।