​पत्नी को नही  मिल रहा अपने पति का पैसा

पत्नी को नही  मिल रहा अपने पति का पैसा

राजस्थान के बारां से फ़िरोज़ खान की रिपोर्ट

बारां 2 मार्च । आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र किशनगंज व् शाहबाद में बैंक कर्मचारियों की कार्यप्रणाली से आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । पेंशन, मनरेगा के पात्र लोगों के साथ बैंक कर्मचारियों का रवैया ठीक नहीँ रहता है । आये दिन इनको चक्कर लगाना पड़ता है । उसके बाद भी इनको पैसा नही मिलता है । और तो और इनको दुत्तकार भगा दिया जाता है । ऐसा ही एक मामला एसबीबीजे बैंक नाहरगढ़ का सामने आया है । पीड़ित विधवा महिला सुरज्या बाई साहरिया हिमतगढ़ ने बताया कि मेरे पति घांसीलाल की मृत्यु 30 नवंबर 2015 को हो गयी थी । उनके खाते में 5 हजार 400 रुपए थे । और उनके उत्तराधकारी में मेरा नाम है । उसके बाद भी बैंक मैनजर द्वारा पैसा निकालने से मना कर दिया गया । यही नहीँ ग्राम पंचायत नाहरगढ़ के द्वारा भी इस बात की पुष्टि कर दी है कि मृतक घांसीलाल की उत्तराधिकारी  उसकी पत्नी सुरज्या बाई है । उसके बाद भी खाते का पैसा नही दिया जा रहा है । इस महिला का बैंक खाता नम्बर 61072813269 है । पीड़ित महिला ने थक हारकर उप खण्ड अधिकारी किशनगंज से न्याय की गुहार लगायी है । इसी तरह भंवरगढ़ सैंट्रल बैंक के हालात है । यहाँ भी पेंशनधारियों व् मनरेगा श्रमिकों को बेवजह परेशान किया जाता है । स्थानीय व् आस पास के लोग प्रतिदिन अपनी पीड़ा बताते रहते है । भवँरगढ़ निवासी भगवंती बाई  ।मनरेगा श्रमिक है । इसका आधार कार्ड लिंक नही होने के कारण इसको मजदूरी का भुकतान नही मिल रहा है । इसको लेकर यह महिला बैंक के चक्कर लगा रही है । महिला का कहना है कि बैंक में जाते है तो हमारी सुनवाई नही की जाती है । और आज आना कल आना कहकर टाल दिया जाता है । 
बैंक मैनेजर का क्या कहना

नाहरगढ़ बैंक मैनेजर का कहना है कि इस तरह का कोई मामला मेरे पास नही आया है । इस मामले में आपको अलग से बोलने की बात नही है । महिला खुद बैंक में आये और अपने कागजात साथ में लाये । जो भी समस्या होगी उसका समाधान किया जावेगा । ऐसी कोई बात नही है । जो आपको इंटर फेर करना पड़े । 
नीलेश कुमार शाखा प्रबंधक एसबीबीजे नाहरगढ़

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