मांडलगढ़:राम राज्य है और किसी को किसी से न लेना और न देना है

मांडलगढ़:राम राज्य है और किसी को किसी से न लेना और न देना है

देव प्रकाश साहु दैनिक खोज खबर मांडलगढ

मांडलगढ़  नगर व इसके आस पास सडक के किनारे पर लगी होटले अब परेशानी का कारण बनती जा रही है । नगर में  परिवार जन के साथ महिलायें व नागरिक हर रोज घुमने जाते है और बाईक सवार कितने ही मनचले  रोजाना इन होटलो पर शराब के नशे में मदमस्त होकर तेज आवाज करते हुये निकलते है । ऐसे लोगो से आमजन परेशान है और पुलिस प्रशासन मुकदर्शक बना बैठा है । कुछ पुलिस कर्मी इनको पकड कर छोड देते है और अपना उल्लू साधकर बहती गंगा में शरीक हो जाते है । मांडलगढ़ बाई पास पर लगी ऐसी अवैध होटलो पर पुलिस नकेल क्यों नहीं कस पा रही है या राजनेतिक आकाओं के कारण हाथ डालने में हिचकिचा रही है । बाहर से गुजरने वाले लोग भी होटलो के अंदर से नशे में तेज आवाज में अपशब्द बोलने वालो की आवाज के कारण शाम के वक्त उधर से निकलना ही कम कर दिया है । बिते दिनो एक अधिकारी इसी सडक पर घुमने चले गये और नशे वालो की हरकते देखकर थाने पर फोन कर पुलिस बुलवाई फिर पुलिस ने आकर कार्यवाही की ? क्या ऐसा चलता रहेगा या फिर इनको लाईसेंस दे रखा है ,,यह सोच का विषय है इस पर मनन करना होगा । एक तरफ भीलवाडा जैसे शहर में अपर पुलिस अधीक्षक गोपाल स्वरूप मेवाडा ने कार्यभार संभालने के बाद  अपने दम पर अपराधियों पर शिकंजा कस कर  नकेल डाल रखी है और पुलिस गश्त भी प्रभावी कर रखी है लेकिन यहां पर लगता है राम राज्य है और किसी को किसी से न लेना और न देना है । ऐसा नजारा देखने को मिल रहा है । वैसे पुलिस कानून व्यवस्था पर बराबर नजर रखे है और थानाप्रभारी गजेन्द्रसिंह मुस्तैद है लेकिन नगर के आस पास देर रात्री तक चलने वाली इन होटलो पर शराबियों पर नकेल नहीं लग पा रही है । साथ ही नगर के जालेश्वर तालाब की पाल पर भी बै रोक टोक छतरियों में बैठकर कुछ मनचले शराब का आनंद लेते है और नशे में खाली बोतले भी वहीं फोड देते है । समीप ही लक्ष्मीपुरा के रहने वाले वाशिन्दे भी इससे परेशान है । साथ ही सडक मार्ग पर चलने वाले  टेक्ट्रर व ट्रकों में लगी टेपो की तेज आवाज ऐसी लगती है कि जैसे कोई बडा समारोह चल रहा हो । ऐसे वाहनो को जब्त किया जाना चाहिये ? बीते दिनो से लेकर अब तक  मांडलगढ़ में पुलिस प्रशासन में अच्छे अधिकारी आते रहे है और यह यहां का सौभाग्य भी रहा है । दुसरी और ऐसा ही नजारा सर्कल के हाइवे पर लगी होटलो पर भी है जिनमें लाडपुरा,, आरोली व बिजौलियां के साथ साथ भीलवाडा मार्ग पर भी चौकसी रखी जानी चाहिये । इनको भी नजर अंदाज नहीं किया जा सकता ।  अब इसी रास्ते अफीम व डोडाचुरी की तस्करी करने वाले भी आते दिखाई देंगे क्योकि इसी सीमा से जुडे क्षैत्र में “काले सोने” के नाम से मशहुर यह  पैदावार प्रचुर मात्रा में  है ? समय रहते पुलिस इस और ध्यान देकर कार्यवाही करेगी या नहीं यह देखना होगा तथा पुलिस थानो में नफरी की कमी के चलते भी परेशानी होना मुख्य कारण है ?”उच्च अधिकारी जनहित में इस और ध्यान देकर कार्यवाही करेंगे या फिर यह दौर चलता रहेगा ?

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