सीवान : दबंगों के दबाव मे बिजली विभाग के कर्मी दलित बस्ती की पोल उखाड़ने की कोशिश


सीवान : दबंगों के दबाव मे बिजली विभाग के कर्मी दलित बस्ती की पोल उखाड़ने की कोशिश

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✍दैनिक खोज खबर के लिए विपेंद्र कुमार की रेपोर्ट

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*पचरुखी/सीवान* आज बिहार सरकार के कर्मचारियों का गरीब विरोधी व सामंती चेहरा खुलकर सामने आ गया।जहां मुख्यमंत्री अपनी विभिन्न योजनाओं के तहत गरीबों व दलितों को हर सुविधा पहुँचाने के लिए तमाम तरह के यत्न कर रहे हैं वहीं उनके  विजली विभाग के कर्मी मनमानी से बाज आते नहीं दिख रहे हैं।जी हां..हम बात कर रहे है पचरुखी प्रखंड के नारायणपुर गांव की जहां छोटी जाती के लोगों के मोहल्ले में बिजली का पोल क्या गड़ा, गांव में सामंती सोच वालों की आँखों में किरकिरी हो गई।कथित सामंती लोगों ने विद्युत् कर्मियों को पोल उखाड़ने को निर्देश दिया।ज्यों ही विद्युत् कर्मी पोल उखाड़ने पहुचे आस-पास की महिलाएं पोल से चिपक गईं और पोल उखाड़ने से रोक दिया।साथ ही उक्त महिलाओं ने विजली विभाग के विरोध  में जमकर नारेबाजी भी किया।इतने में मीडिया के लोग भी पहुंचे।फिर क्या था मिडिया के कैमरे के सामने अपना विरोध होता देख विद्युत् विभाग के लोग वहां से खिसक लिए।

मुसमात तुलसी देवी,गुड्डू नोनिया,गेनिया कुंवर,बसंती कुमारी समेत दर्जनों लोगों ने बताया कि हमलोग नोनिया जाती के हैं।गांव के कुछ सामंती सोंच वाले लोगों को ये मंजूर नहीं है कि नोनिया जैसी छोटी जाती के लोग बिजली के प्रकाश में रहें।सामंती लोग हर हाल में पोल उखड़वाने पर तुले हुवे हैं।

इस बाबत स्थानीय जिला पार्षद जयकरन महतो ने कड़ा विरोध जताते हुवे कहा कि मेरे जीते जी गरीबों के साथ अन्याय नहीं होगा।अगर गरीबों के मोहल्ले से पोल उखाड़ा गया तो हम चरणबद्ध आंदोलन को बाध्य हो जाएंगे। जिला पार्षद श्री महतो भी नोनिया जाती से ही आते हैं।

बरहाल देखने वाली बात ये है कि सुशासन की सरकार में गरीबों को बिजली मिल पाती है या नहीं।

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