*भागलपुर:अंग-अंगिका को लेकर झारखंड के दुमका इकाई की नई कार्यकारिणी का हुआ गठन*

​*भागलपुर:अंग-अंगिका को लेकर झारखंड के दुमका इकाई की नई कार्यकारिणी का हुआ गठन*

*राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अंगिका को ठोस धरातल पर लाने की किया अनुरोध*
👈भागलपुर से “दैनिक खोज खबर” के लिए कुमार गौरव👉सोमवार को नोनीहाट के काली मंदिर परिसर में अंग उत्थानान्दोलन समिति,बिहार-झारखंड सह अंग मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम सुमन की अध्यक्षता में झारखंड स्थित दुमका इकाई की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया ।जिसमें सर्व सम्मति से समाजसेवी राधेश्याम साहा को अध्यक्ष,मोहन कसेरा को कार्यकारी अध्यक्ष,गुड्डू सिन्हा को महासचिव,राजू गुप्ता को सचिव,नारायण पंडित को उप-सचिव,सन्नी सोरेन को संगठन सचिव,संजय दास को मीडिया प्रभारी,नरसिंह साह को कोषाध्यक्ष एवं गुंजन कुमार,श्रवण कुमार,सोनू,राकेश,संचित कसेरा,अनिल सिंह,राजकुमार और कैलाश शर्मा को कार्यकारिणी सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया ।

उपस्थित लोगों और मनोनीत सदस्यों को संबोधित करते हुए समिति सह मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम सुमन ने अंग-अंगिका के लिए मन के साथ-साथ दिल व दिमाग से समर्पित होने का अनुरोध करते हुए कहा कि अंग-अंगिका की बात करने वाले ऐसा न करें कि हम बोलें और उसे हम ही सुनें ।महत्व नाम और पद में नहीं बल्कि सेवा में है की बात बताते हुए उन्होंने कहा कि अंग-अंगिका की बात करने वाले खुद को अखबार की सुर्खियों में लाने की मनसा त्याग कर अंगिका उत्थान की दिशा में कार्य करें ।उन्होंने बताया कि अंगिका  जन भाषा है इसलिये हमें आम जनता के बीच जाकर पूरे भाषिक परिदृश्य व अधतन स्थितियों पर बड़े कार्यक्रम तथा सड़क पर आंदोलन जैसी फिजां बनाने की जरूरत है ।उन्होंने कहा कि केवल खानापूर्ति तथा औपचारिकताओं से कोई ठोस बात नहीं बन सकती है ।उन्होंने कहा कि जनता की भागीदारी के बिना किसी भी भाषा  व साहित्य का विकास संभव नहीं है और फिर अंगिका कोई टकसाल की भाषा नहीं बल्कि यह गरीब-गुरबों  एवं गाँव-चौपालों  व खेत-खलिहानों की भाषा है ।गाँव की मिट्टी में अंगिका के प्राण बसते हैं ।उन्होंने समिति सदस्यों से गाँव की जमीन पर हुँकार भरने की अपील की और कहा कि अंग-अंगिका के प्रति अब तक हुए कार्य महज पानी के बुलबुले साबित हुए हैं ।अंग-अंगिका को समुचित सम्मान व अधिकार दिलाने के लिए इसें ठोस धरातल पर लाने की जरूरत पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि  इसक लिये अब और संस्था की नहीं बल्कि आस्था की जरूरत है ।

                अंत में मनोनीत सदस्यों को गुलाल लगाकर बधाई दी गईं ।मनोनीत सदस्यों ने संयुक्त रूप से दिल-दिमाग व मन से समर्पित होकर कार्य करने की शपथ ली ।मौके पर सभी मनोनीत सदस्यों सहित पवन राव,सरयुग तांती,कैलाश मंडल,विकास झा,सुभाष राठौर,नदीम अंसारी,बद्री बैठा,शिव कुमार,कमलेश पांडेय आदि उपस्थित थे ।

                                         

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