बाड़मेर:​डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम हॉस्टल द्वारा वार्षिकोत्सव व तालिमी कांफ्रेंस हुआ आयोजन

बाड़मेर:​डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम हॉस्टल द्वारा वार्षिकोत्सव व तालिमी कांफ्रेंस हुआ आयोजन

आज़ाद मोहम्मद नेब ब्यूरो प्रमूख दैनिक खोज खबर राजस्थान

जयपुर 27 फ़रवरी। पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले में अल्पसंख्यक समुदाय में दुनियावी तालिम के प्रति रुझान बढाने को लेकर स्थानीय हाई स्कूल मैदान में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम हॉस्टल द्वारा वार्षिकोत्सव व तालिमी कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। जिसमें शिक्षा के क्षैत्र में आगे आकर डॉ. कलाम के नक्शे कदम पर चलकर देश का भविष्य संवारने पर प्रवक्ताओं ने जोर दिया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आरपीएससी के पूर्व चैयरमेन हबीब खांन गौरान ने सम्बोधित करते हुए कहा कि अल्पसंख्यक बच्चे अधिक से अधिक दुनियावी तालिम हासिल कर कम्पीटिशन युग में अपने आप को स्थापित करें, बाड़मेर—जैसलमेर के मुस्लिम युवा आईएएस, आरएएस,  डॉक्टर, इंजीनियर बनकर राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाएं। इसी क्रम में कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बाड़मेर जैसलमेर पूर्व सांसद चौधरी ने कहा कि मुझे खुशी हुई कि आज अल्पसंख्यक समुदाय आधुनिक शिक्षा को लेकर तालिमी मजलिस का आयोजन अपने आप को समाज की मुख्य धारा में जुड़ने में जुटे है। 

राजस्थान पुलिस के रिटायर्ड आईजी मुराद अली अबड़ा ने डॉ. कलाम हॉस्टल की तरफ से आयोजित तालिमी कांफ्रेंस की सराहना करते हुए मुस्लिम समाज से आहृवान किया कि अपने बच्चों को दीनी तालिम जो मदरसों में दी जाती है, उसके साथ साथ दुनियावी तालिम हासिल कर आधुनिक युग में कदम से कदम मिलाकर आगे बढें और बच्चों को भविष्य संवारें।

दिल्ली युनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर सोहनलाल गोसाई ने सच्चर कमेटी के आंकड़ों के माध्यम से मुस्लिम वर्ग के पीछड़ेपन पर प्रकाश डालने के साथ साथ सीमावर्ती क्षैत्र के युवाओं से अधिक से अधिक तादाद में शिक्षा से जुड़ने एवं दिल्ली युनिवर्सिटी, जा​मिया एवं जेएनयू जैसी नामचीन यूनिवर्सिटी में भेजने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल अस्सी से अधिक बाड़मेर के युवा दिल्ली युनिवर्सिटी में अध्यनरत है। विडम्बना की बात है कि जिसमें एक ही मुस्लिम बच्चा बाड़मेर से है जो डॉ.कलाम हॉस्टल की देन है। वहीं इस मौके पर पीसीसी सैकरेट्री एवं पूर्व प्रधान शम्मा खांन ने अपने उद्बोधन कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय में बालिका शिक्षा के प्रति रूझान कम है, उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि बालिका शिक्षा के बिना कोई भी समाज प्रगति नहीं कर सकता। समाज का विकास तभी हो सकता है जब बालिकाएं पढ़ लिखकर अपने अधिकारों के प्रति सचेत होगी। इसी तरह जेएनवी यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ प्रोफेसर डाॅ. एम.आर.गढ़वीर ने आगामी दिनों में अल्पसंख्यक समुदाय में शिक्षा के प्रति रूझान बढाने को लेकर जगह जगह शैक्षणिक संगोष्ठियां आयोजित करने पर बल दिया। 

कार्यक्रम में अपने विचार रखते हुए पूर्व जिला प्रमुख जैसलमेर अब्दुला फकीर ने उपस्थित जन समुदाय से दुनियावी तालिम से जोड़ने एवं बच्चों का भविष्य संवार कर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने का आग्रह किया । कार्यक्रम में पूर्व मंत्री गफुर अहमद ने कहा कि शिक्षा के क्षैत्र में ऐसे कार्य सराहनीय है, ऐसे आयोजन बार बार होने चाहिए। ताकि हम दुनियावी तालिम से रूबरू हो सके। इसी प्रकार नवचयनित आरएएस शेर मोहम्मद राजड़ अपने विचार व्यक्त करते हुए समुदाय में व्याप्त कूरीतियों को मिटाने व शिक्षा पर जोर देने की बात कही। कांफ्रेंस के दौरान राजवेस्ट पॉवर लिमिटेड की और से भारत की एकता व अखण्डता को लेकर हम सब भारतवासी एक है, नामक नाटक का मंचन किया। इस मौके पर डॉ़. अब्दुल कलाम हॉस्टल ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया एवं साल भर के लेखे जोखे का ब्यौरा प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर मुमताज अजीज फाउण्डेशन द्वारा संस्थान को एक लाख रूपए एवं वाटर कूलर भेंट किया। इसके अलावा भी कई दानदाताओं ने रूपये और बच्चों के जरूरत की चीजें संस्थान को भेंट कर सहयोग प्रदान किया।  कैयर्न इण्डिया के पिनाके दत्ता,हेमंत शर्मा, गुलाम अली नेगरड़ा, जालीला सरपंच नवाज दर्श, बामणोर सरपंच सैय्यद गुलाम शाह, सेड़वा प्रधान पदमाराम मेघवाल, मोमिन ब्रदर्स मंच के अबरार भाई सहित कई लोगों ने कार्यक्रम में शिरकत की। मंच का संचालन डॉ. भरत सारण व डॉ. सुरेन्द्र चौधरी ने किया। कार्यक्रम के अंत में अहमद अली राजड़ ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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