इन्क्रेडिबल इंडिया की तरह इन्क्रेडिबुल झारखंड, झारखंड के कोने-कोने में हैं पर्यटन स्थल

⏭इन्क्रेडिबल इंडियाकी तरह इन्क्रेडिबुल झारखंड, 

⏭झारखंड के कोने-कोने में हैं पर्यटन स्थल

✍झारखंड से दैनिक_खोज_खबर रिपोर्टर रितुराज की विशेष रिपोर्ट रांची : झरखंड में पर्यटन की समृद्धि को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाने के लिए पर्यटन विभाग ने कई योजनाएं बनायीं हैं।

विभाग के प्रधान सचिव बाघमारे कृष्ण प्रसाद ने बताया कि इंवेंट मैनेजमेंट को इन्पैनल्ड करने के बाद झारखंड की पर्यटन समृद्धि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर आएगी।

उन्होंने बताया कि झारखंड में पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। झारखंड के पर्यटन स्थलों के प्रचार के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोड शो का आयोजन किया जाएगा। श्री बाघमारे ने बताया कि विभाग पर्यटन से संबंधित ट्रेड फेयर, प्रदर्शनी एवं महोत्सव का आयोजन करेगा। उन्होंने बताया कि विभाग झारखंड पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टूरिस्ट आपरेटरों का भी सहयोग लेगा।

दिल्ली सहित अन्य शहरों में झारखंड महोत्सव मनाने की योजना है। श्री बाघमारे ने बताया कि झारखंड में ईको टूरज्मि का लुत्फ पर्यटक उठा सकते हैं। इसमें दो राय नहीं कि झारखंड टूरिज्म का हब बन सकता है। इस राज्य में कई पौराणिक धरोहर हैं जो पर्यटकों को आमंत्रित करता है। इस राज्य में ऐतिहासिक मैकलुस्कीगंज है जहां कभी बहुतायत में एंग्लो इंडियन रहते थे परन्तु अब उनकी संख्या नहीं के बराबर है, लेकिन उनकी यादें पर्यटकों को पुराने दिनों की तस्वीर पेश करती है। घने जंगल से घिरे मैकलुस्कीगंज में रेलवे स्टेशन है जहां से पहाड़ों पर एंग्लो इंडियन के घर दिखाई देते हैं।

इस राज्य में नक्सली गतिविधियां कम होने से अब अच्छी संख्या में पर्यटक अभ्यारण्यों की सैर करने आते हैं। झारखंड में अनेक अभ्यारण्य हैं जिनमें हजारीबाग राष्ट्रीय अभ्यारण्य, पलामू का टाइगर अभ्यारण्य, दलमा का हाथी अभ्यारण्य, खूंटी का हिरण पार्क इत्यादि शामिल हैं। जब भी झारखंड की बात होती है तब नेतरहाट की बात जरूर होती है। सुरभ्य जंगल में स्थित नेतरहाट पर्यटकों के लिए वर्षों से आकर्षण का केन्द्र रहा है।

यहां का सूर्योदय एवं सूर्यास्त के साथ-साथ नेतरहाट हाट विद्यालय की लोकप्रियता राष्ट्रीय स्तर पर रही है। गिरिडीह का पारसनाथ पहाड़ जैनियों का प्रमुख तीर्थस्थल रहा है। यहां देश भर के जैनी आते हैं। झारखंड की प्राकृतिक सौंदर्यता किसी को भी आकर्षित कर सकता है। पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव ने कहा कि अकेले देवघर के बाबाधाम में देश-विदेश एवं राज्य से लाखों शिवभक्त जलाभिषेक करने आते हैं। आज शिवरात्रि के दिन वहां भव्य आयोजन होता है। बालुकीनाथ में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक करने आते हैं।

गुमला का ओजन ग्राम हनुमान की मां ओजन की घर है। यहां हर साल मेला लगता है। झारखंड में भगवान बिरसा के जन्म स्थल देखने के लिए भी पर्यटक आते हैं। भगवान बिरसा के नाम पर डाक टिकट भी जारी किया गया है। राजरप्पा में स्थित प्रसिद्ध छिन्नमस्तिका मंदिर में सालों भर श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है।

बिहार एवं अन्य राज्यों से हर वर्ष लाखों श्रद्धालु देवी दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर जाने का मार्ग भी बना दिया गया है। कल से राज्य सरकार ने राजरप्पा महोत्सव का आयोजन किया है। तमाड़ से छह किलोमीटर दूर देवड़ी में मां के मंदिर के प्रति जबर्दस्त आस्था है।

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धौनी अक्सर मां का आशीर्वाद लेने देवड़ी मंदिर जाते हैं। वैसे धौनी भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहे हैं। क्रिकेट के शौकीन पर्यटक जब भी रांची आते हैं तो उनके घर की तस्वीर कैमरे में कैद करते हैं और सेल्फी भी लेते हैं।

वैसे तो झारखंड के हर हिस्से में रमणिक पर्यटन स्थल हैं, लेकिन अब तो राजधानी रांची भी पर्यटन स्थलों को लेकर लोकप्रिय हो गयी है। रांची में प्रसिद्ध रॉक गार्डेन, रांची झील, कांके डैम, जैविक उद्यान सहित अनेक पर्यटन स्थल हैं।

 

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